Home World पाकिस्तान कोर्ट ने लश्कर ए तैयबा के वित्तपोषण के लिए हाफिज सईद...

पाकिस्तान कोर्ट ने लश्कर ए तैयबा के वित्तपोषण के लिए हाफिज सईद के पांच नेताओं को जेल भेजा

162
पाकिस्तान कोर्ट ने लश्कर ए तैयबा के वित्तपोषण के लिए हाफिज सईद के पांच नेताओं को जेल भेजा

लाहौर: पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुंबई हमले के सरगना हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के पांच नेताओं को प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा की आतंकवादी गतिविधियों के लिए चंदा बढ़ाने का दोषी करार दिया। की सजा सुनाई है। सजा पाए पाँच दोषियों में से तीन- उमर बहादर, नसरुल्ला और समीउल्ला- को पहली बार सजा सुनाई गई है। लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत (अटसी) ने पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण को लेकर दर्ज मामले में यह सजा सुनाई है।

वहीं दो दोषियों- जेयूडी के प्रवक्ता इया मुजाहिद और वरिष्ठ नेता प्रोफेसर जफर इकबाल- को पहले भी आतंकवाद के वित्त पोषण के मामलों में सजा सुनाई गई थी। अटसी लाहौर के न्यायाधीश एजाज अहमद बट्टर ने शनिवार को पांच आरोपियों को नौ-नौ साल की कैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने इसी मामले में हाफिज सईद के जीजा हाफिज अब्दुल्ल रहमान मक्की को भी छह महीने कैद की सजा सुनाई है।

सीटीडी ने बताया, ” अदालत ने जेयूडी / लश्कर ए तैयबा नेताओं को आतंकवाद का वित्तपोषण करने का दोषी पाया। वे प्रतिबंधित संगठन (लश्कर ए-तैयबा) के लिए गैर कानूनी तरीके से कोष जमा कर रहे थे। अदालत ने उन संपीड़न अधिकारियों को भी बच कर का आदेश दिया है जो आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए एकत्र चंदे से बनाया गया है। ’’ जेयूडी नेताओं को भारी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया और इस दौरान मीडिया को अदालत की कार्रवाई कवर करने की। अनुमति नहीं दी गई।

गौरतलब है कि पंजाब सीटीडी ने जेयूडी नेताओं के खिलाफ 41 सनमिकी दर्ज की है जिसमें 70 वर्षीय सईद भी आरोपी है। इनमें से 37 मामलों में फैसला आ चुका है। अटसी ने आतंकवाद के वित्तपोषण के पांच मामलों में लश्कर के संस्थापक सईद को आंतकवाद निरोधक कानून 1997 की धारा -11 एन तक कुल 36 साल की सजा सुनाई है। इन सजाओं के साथ-साथ चलेंगी इसलिए उसे लंबे समय तक जेल में नहीं रहना होगा। इस बार उसे अन्य जेयूडी नेताओं के साथ लाहौर के कोट लखपत जेल में रखा गया है।

पाकिस्तान ने फिर से अलापा कश्मीर राग, कहा – भारत अनुच्छेद ३ वापस० पर फैसला वापस ले तभी होगा व्यापार

Read More

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here